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सपने वही दिखाओ जो पूरे कर सको, वरना जनता पीटती भी है…


केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को एक सभा में वादाखिलाफी करने वाले नेताओं को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि लोग सुनहरे सपने दिखाने वाले नेताओं को पसंद करते हैं। लेकिन जब सपने पूरे नहीं होते हैं तो जनता उनकी पिटाई भी करती है। आपको बता दे की नितिन गडकरी ने यह टिप्पणी बॉलिवुड अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर के बीजेपी में शामिल होने के लिए आयोजित कार्यक्रम में की।
हंसमुख अंदाज में नितिन गडकरी ने कहा कि सपने दिखाने वाले नेता लोगों को अच्छे लगते हैं, पर दिखाए हुए सपने पूरे नहीं किए तो जनता उनकी पिटाई भी करती है। इसलिए सपने वही दिखाओ, जो पूरे हो सकें। और मैं सपने दिखाने वालों में से नहीं हूं। मुझे कोई पत्रकार नहीं पूछ सकता। मैं जो बोलता हूं, वह 100 प्रतिशत डंके की चोट पर पूरा होता है।’ गडकरी जब ये बातें कह रहे थे, कार्यक्रम स्थल ठहाकों से गूंज रहा था।

भाजपा के पूर्व अध्यक्ष गडकरी ने महाराष्ट्र में लोक निर्माण विभाग मंत्री रहने के दौरान अपने कार्यकाल की उपलब्धियां भी गिनाईं, जब राज्य में 1995 से 99 तक शिवसेना-भाजपा की सरकार थी।
नागपुर के 61 वर्षीय सांसद ने कहा, ‘‘मुंबई में मीडिया वाले जानते हैं कि मैं किस तरह का व्यक्ति हूं। उन्होंने देखा है कि मैं कैसे परियोजनाओं को पूरा करता हूं। वे मुझ पर भरोसा करते हैं।’
इसी समारोह में अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर भाजपा में शामिल हुईं। उन्हें पार्टी की महिला परिवहन शाखा का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है।
गडकरी ने पिछले महीने पुणे में एक समारोह में कहा था कि नेताओं को हार और विफलताओं को स्वीकार करना आना चाहिए।
उनके इस बयान से कुछ दिन पहले ही राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में भाजपा ने निराशाजनक प्रदर्शन किया था। विवाद खड़ा होने पर उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरह से पेश किया गया है।
बता दे कि गडकरी ने हाल के दिनों में दूसरी बार चुनावी वादों को लेकर इस प्रकार का बयान दिया है। कुछ समय पहले गडकरी ने एक और बयान में स्वीकार किया था कि 2014 में चुनाव से पहले उनकी पार्टी ने कई बड़े वादे किए थे, जिनके पूरे नहीं होने पर लोग पूछते हैं। अब हमें चुपचाप हंस के आगे बढ़ जाना पड़ता है। चुनाव नजदीक आने पर गडकरी द्वारा अक्सर दिए जाने वाले इस प्रकार के बयान अब पार्टी में आंतरिक विवाद के भी संकेत दे रहे हैं।
माना जाता है कि गडकरी इस प्रकार के बयानों में वही भाषा बोल रहे हैं, जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ चाहता है। अपनी पार्टी के चुनावी वादों पर प्रहार करने के साथ-साथ गडकरी इन दिनों जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी जैसे कांग्रेसी नेताओं की तारीफ भी करते नजर आ रहे हैं। कुछ दिनों पहले ही गडकरी ने इंदिरा गांधी की प्रशंसा करते हुए कहा था कि उन्हें अपनी काबिलियत साबित करने के लिए किसी तरह के आरक्षण की जरूरत नहीं पड़ी थी। उन्होंने कांग्रेस के अपने समय के नेताओं से बेहतर काम किया था। गडकरी यह भी कह चुके हैं कि उन्हें नेहरू के भाषण बहुत पसंद हैं।
वही , महाराष्ट्र में भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने गडकरी को पीएम पद के योग्य बताया है। शिवसेना का मानना है कि अगले लोकसभा चुनावों में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिलेगा, ऐसे में नितिन गडकरी पीएम पद के दावेदार के तौर पर उभर सकते हैं।
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(साभार :  एजेन्सी / संवाददाता  / अन्य न्यूज़ पोर्टल )

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